विस्तृत अधिगम योजना (Detailed Learning Plan)
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चरण
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अवधि
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शिक्षक क्रियाशीलन
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छात्र क्रियाशीलन ( सुगम)
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छात्र क्रियाशीलन ( सुबोध )
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1. प्रस्तावना
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10
मिनट
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·ब्लैक बोर्ड पर लिखने के बाद सुगम समूह के
छात्रों को बताएंगे कि आज
हमलोग तीन
चरणों मे कार्य स्पादित करेगें।
(1) संख्या के अंकों को यथास्थान रखना।
(2) संख्या के अंकों को लिखना।
(3) संख्या को शब्दों मे लिखना
·सुबोध
समूह के छात्रों को
बताएंगे कि आज हमलोग 6 अंकों की संख्या के बारे में जानेंगे
· छात्रों को बताएंगे की ज्ञानसेतु के 90 मिनट की
घंटी में किस तरह काम करेंगे
· सुगम समूह में
समय बंटवारा
·10 मिनट कहानी सुनने में, 15 मिनट विषय की अवधारणा
समझने में, 15 मिनट सामूहिक कार्य और गतिविधि में, 5 मिनट समापन में तथा 35 मिनट
कार्यपत्रक पर अभ्यास में देंगे
·सुबोध
समूह में समय बंटवारा
·25 मिनट कार्य आवंटन और कार्यपत्रक पर अभ्यास के
लिए,अगले 25 मिनट कार्य प्रगति देखने, प्रश्नोत्तरी और पियर ग्रुप में काम करने
के लिए
·सुबोध समूह के छात्रों को आज के
कार्यपत्रक के विषय ( 6 अंकों की संख्या) समझाना और उन पर कार्य करने
के लिए कहना.
सुगम समूह के छात्रों को विषय आधारित शेर की एक रोचक घटना
सुनाऊंगा.
मैं
बच्चों से पूछूगाँ कि क्या वे एक रोचक घटना के बारे सुनना पसन्द करेंगे ?
घटना
इस प्रकार है- शाम का समय था। एक शेर का बच्चा जंगल में अपनी माँ से बिछुड़ गया।
जैसे ही उसे एहसास हुआ कि वह अपनी माँ से बिछुड़ गया है, वह जोर-जोर से रोना
शुरू कर दिया और अपनी माँ को बुलाने लगा। एक बुढ़े हिरण को उस पर तरस आ गया। वह
उसे घर ले आया, लेकिन उसे देखकर दुसरे जानवर डर गए। बाकी सब जानवर भी घबरा गए।
खरगोश, कबूतर ,गिलहरी , कौआ सभी ! हमारे बीच एक शेर ! नहीं - नहीं ! यह हमारे
बच्चों को खा जाएगा । बूढ़े हिरण ने कहा , परेशान मत , हो , मैं उसे समझा दूगाँ ।
सुबह होते ही शेर के बच्चे ने सबको धन्यवाद दिया और वहाँ से जाने लगा। एक जानवर
ने कहा रोको , उसे जाने मत दो । पहले गिनकर देखते है कि उसने हमें धोखा तो नहीं
दिया । हम सब मिलकर पूरे 213 होने चाहिए , चलो गिनते हैं । सबसे पहले गिनने की
जिम्मेदारी कबूतर को दी गई।
कबूतर
ने गिना और लिखा - 321
हिरण
ने कहा तुमने गलत लिखा है ।
फिर
हिरण ने गिनती करने की जिम्मेदारी गिलहरी को दी । गिलहरी ने गिना और लिखा -123
हिरण
ने अब कौए को गिनने को कहा। कौए ने गिना और लिखा -213
हिरण
ने कौए को शाबसी दी।
अब मैं बच्चों से पूछुगाँ कि कबूतर
और गिलहरी ने लिखने में गलती की । ये गलती उनसे क्यूँ हुई
·छात्रों को कहूंगा कि- हां तो बच्चों आपने देखा कि कुछ
जानवर संख्या लिखने में गलतियां
किए
·क्या कबूतर और गिलहरी की तरह हम भी गिनने में गलतियाँ
कर सकते है ?
·तो क्या यह आवश्यक नहीं कि संख्याओं को समझ कर सही
तरीके से उन्हें लिखना सीखना चाहिए
अच्छा आप यह बताइए कि इसे समझना
हमारे लिए क्यों आवश्यक हैं ?
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· छात्र शिक्षक
की बात को ध्यान से सुनेंगे और आज सीखे जाने वाले विषय के प्रति सजग होंगे.
·
छात्र आज की घंटी में किए जाने वाले कार्य में दिए जाने वाले समय
को जानेंगे
छात्र ध्यानपूर्वक शेर की कहानी
सुनेंगे और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे
बीच-बीच में अपनी सहमति और प्रतिक्रिया व्यक्त
करेंगे
·
जी सर (सामूहिक रूप से)
·
बच्चे उत्सुकता के साथ ध्यान से धटना को सुनेगें
हां सर, उन्होंने लिखने में गलती की। तीन अकों की
संख्या को बतला पाने में उनकी समझ (अवधारणाएं) गलत थी । अकों को सही स्थान पर
नहीं रख पा रहे थे।
जी सर
जी सर, संख्या को सही-सही लिखना और
जोड़ घटाव गुणा भाग सही-सही करने के लिए हमें यह जानना आवश्यक है।
जी सर
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· छात्र शिक्षक की बात को ध्यान से सुनेंगे और
अपने विषय के प्रति सजग होंगे.
·छात्र आज की घंटी
में किए जाने वाले कार्य में दिए जाने वाले वाले समय को जानेंगे
·
छात्र कार्यपत्रक पृष्ठ-2 कार्यपत्रक-2 और 3के विषय वस्तु को समझेंगे और इस पर पर अभ्यास करेंगे
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2.
शिक्षक क्रियाशीलन
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15
मिनट
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सुगम समूह के साथ
·बच्चों को मैं 1 से 9 तक के अंकों - कार्ड दिखाऊँगा और
उनसे पूछूँगा कि बच्चों मेरे हाथ में क्या हैं ?
·मैं उनमें से 1,2 और 3 का अंक कार्ड लूंगा और बच्चों
से कहूंगा कि वे इन तीनों अंकों से बनने वाली सभी संभावित संख्या को बताएँ।
·मैं बच्चों से यह कहूंगा कि इन सभी संख्याओं में अंक
1,2 और 3 का ही उपयोग किया गया है, फिर भी सभी संख्याओं में अंकों के मूल्य
(मान) में फर्क हैं। क्या आप इस फर्क को महसूस कर सकते है ? क्या आपको यह बात
समझ में आ रही है कि सभी संख्याएँ अलग - अलग हैं तथा उनका मूल्य (मान) भी
अलग-अलग हैं।
·बच्चों उर्पयुक्त तीनों संख्याओं में हम देख रहे हैं
कि तीनों संख्याओं में 1 का स्थान अलग -अलग हैं तो क्या हम इस बात को समझ सकते
है कि अंक 1 का स्थान अलग -अलग होने के कारण उसका मूल्य भी बदल रहा है। अब इन
तीनों संख्याओं को हम समझते है
123 , 213 और 321
·इन संख्याओं के तीन अंक , तीन स्थान पर है
·तो चलिए हम तीन अंको की संख्या के तीनों स्थान अर्थात
इकाई ,दहाई , सैकड़े , के स्थान को समझेंगे।
·इन संख्याओं के तीन अंक , तीन स्थान पर है
·हम इन अंको को इकाई , दहाई , और सैकड़े के रूप में जानते हैं । सबसे पहले हम यह समझे कि संख्या
के दाएँ ओर से पहला अंक इकाई का होता हैं। दाएँ ओर से दूसरा अंक दहाई का होता
हैं और दाएँ ओर से तीसरा अंक सैकड़े का होता हैं। इकाई पर के स्थान के अंक का मान
इसके ही के बराबर होता है। दहाई के स्थान का अंक यह बताता है कि इस में 10-10 के
कितने समूह है तथा सैकड़े पर के स्थान का अंक यह बताता है कि संख्या में 100-100 के
कितने समूह है जैसे-
123 में इकाई के स्थान पर अंक 3 है तो उसका मान 3 ही
होगा।
दहाई के स्थान पर अंक 2 है तो उसका मान 2 दहाई अर्थात
2×10 = 20 होगा ।
तथा सैकड़े के स्थान पर अंक 1 है तो उसका मान 1 सैकड़ा
अर्थात 1×100 = 100 होगा।
आप सभी समझ रहे हैं ना ?
इसी तरह बच्चों से कहुँगा कि अब आप दो संख्याएँ 213 और
321 के अंको के स्थानीय मान बताइए
बच्चों आप इकाई , दहाई और सेकड़े को स्पष्ट रूप् से समझ
चुके है। अब हम कार्यपत्रक पर इससे संबधित कार्य करेगें
हम तीन चरणों मे कार्य स्पादित करेगें।
(1) संख्या के अंकों को यथास्थान रखना।
(2) संख्या के अंकों को लिखना।
(3) संख्या को शब्दों मे लिखना।
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1 से 9 तक का गिनती का कार्ड
छात्र बताएँगे 123, 213, 321
231, 312 आदि।
हाँ और नहीं का मिश्रित उत्तर
जी सर
बच्चे घ्यानपूर्वक सुनते है और हाँ
की मुद्रा मे अपना सिर हिलाते हैं
जी सर
बच्चे समझते है।
बच्चे समझकर सहमति मे सर हिलाते है।
छात्र संख्याओं के अंको
के स्थानीय मान को समझेंगे और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे
प्रश्न पूछकर अपनी
शंकाओं का समाधान करेंगे
छात्र इकाई, दहाई
और सैकड़ा को समझेंगे
·छात्र तीन अंकों की संख्या बनाएंगे
· छात्र संख्याओं को अंको में एवं शब्दों में लिखना
सीखें
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3. छात्र- शिक्षक क्रियाशीलन
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15 मिनट
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सुबोध समूह के साथ
अब मैं सुबोध समूह के साथ आ जाऊंगा सुबोध समूह के बीच
घूम- घूम कर यह देखूंगा कि सभी बच्चे अपने कार्यपत्रक पर अभ्यास कर रहे हैं या नहीं
सभी बच्चे समझ के साथ कार्य कर रहे हैं उसको
जांचने के लिए मैं उनसे प्रश्न करूंगा?
बच्चों
बताइए 14 दहाई में कितने सैकड़े हैं?
बहुत
अच्छा. आपने सही कहा.
अच्छा
अब बताइए 9 सैकड़ा में कितने दहाई हैं?
बहुत
अच्छे चलिए आप सभी लोग अच्छे से अभ्यास कर रहे हैं ऐसे ही करते रहिए।
ठीक
है, बहुत। अच्छा लाओ दिखाओ। मैं कार्यपत्रक की जांच करता हूं और सही होने
पर पर उसे शाबाशी देता हूं।
सुबोध
समूह की ओर मुखातिब होकर पूछूंगा कौन-कौन बच्चे अपना कार्य पत्रक समाप्त कर लिए
हैं
जो बच्चे कार्य पत्रक कर लिए हैं उन बच्चों को
कमजोर बच्चों के साथ जोड़कर पियर ग्रुप
बनाऊंगा और उन्हें एक दूसरे की मदद करने के लिए कहूंगा
सुगम
समूह के साथ
5 मिनट के बाद सुगम समूह के साथ कार्य करूँगा.
बच्चों इकाई, दहाई और सैंकड़े की समझ और स्पष्ट रूप से
विकसित करने के लिए आईए हमलोग मिलकर एक गतिविधि करते हैं।
·छात्रों को तीलियों के 10-10 एवं 100-100 के बंडल
बनाने को कहूँगा
·छात्रों को तीन अंकी संख्या दूंगा जैसे 312 को तीलियों
के बंडल द्वारा दिखाएंगे
इसी तरह के 2-3 संख्या और देकर छात्रों को तीलियों के बंडल द्वारा दिखाने को
कहूंगा
·बच्चों अब हमलोग कुछ तीलियाँ लेंगे और उन्हें दस-दस का
बंडल बनाएँगे। इसके लिए दस तीलियां गिनकर उस पर रबर बैंड लगाएँगे। दस-दस के बंडल
बनने पर उसे एक तरफ रखेंगे। बची तीलियां अलग रहेंगी। दस-दस के सभी बंडलों तथा
बची हुई तीलियों को एकत्र कर सामूहिक रूप से बच्चों के बीच में रखकर सैंकड़े का
बंडल बनाएँगे।
·इन बंडलों के माध्यम से अब आप लोग भी इन
संख्याओं को दर्शाइए
ब्लैक बोर्ड पर इन संख्याओं को लिखूंगा
123, 213 और 321 को समझने के लिए कहेंगे।
इस तरह सभी बच्चों में इकाई, दहाई और सेंकड़े की
अवधारणा स्पष्ट हो जाएगी।
बच्चों अब सब कुछ स्पष्ट है ना ।
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·छात्र तीलियों के 10-10 एवं 100-100 के बंडल बनाएँगे
·संख्या 312 को छात्र तीलियों के बंडल द्वारा दिखाएंगे
·छात्र मेरे द्वारा दिए गए संख्या को तीलियों के
बंडल द्वारा दिखाएंगे
जी सर (उत्साह से)
हाँ सर, बच्चे कार्य शुरू करते हैं।
तीन बच्चे बारी-बारी से यह गतिविधि
करेंगे।
हाँ, सर
बच्चे इन संख्याओं को तीलियों के
बंडलों के माध्यम से दिखाते हैं
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एक
बच्चा जी सर 14 दहाई में 140 इकाई होंगे इसलिए 14 दहाई में एक सैकड़ा है
एक
दूसरा बच्चा- जी सर, 9 सैकड़ा में 90 दहाई होंगे
एक
बच्चा खड़ा होकर पूछता है सर हमने अपना कार्य पत्रक समाप्त कर लिया है
बच्चा अपना कार्य पत्र दिखाता है
कुछ बच्चे खड़े होकर कहते हैं मैंने हल कर लिया
बच्चे पियर ग्रुप में
काम करने लगते हैं
कुछ
बच्चे समूह में घूम घूम कर कमजोर बच्चों की मदद करेंगे
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4. छात्र क्रियाशीलन
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10 मिनट
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·छात्रों को तीन
अंको की संख्या बनाना और स्थानीय मान समझाने के बाद छात्रों को कार्यपुस्तिका के
पृष्ठ संख्या-4 कार्यपत्रक-3 पर कार्य करने को कहूंगा.
·घूम-घूम कर देखूंगा
की कार्यपत्रक पर ठीक से अभ्यास कर रहे हैं या नहीं साथ में आवश्यक
निर्देश भी दूंगा.
सुबोध समूह में
·सुबोध समूह में
घूम-घूम कर देखूंगा कि कार्यपत्रक पर ठीक से अभ्यास कर रहे हैं या
नहीं, साथ ही आवश्यक मदद करूंगा
· प्रश्नोत्तर के
माध्यम से छात्रों के द्वारा विषयवस्तु का दुहराव करूँगा तथा सारांश बताऊंगा.
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·छात्र कार्यपुस्तिका के पृष्ठ संख्या-3 और कार्यपत्रक-2
निकालेंगे और इस पर अभ्यास करेंगे
· छात्र कार्यपत्रक पर कार्य करते समय कठिनाई
होने पर मुझसे सवाल पूछे.
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·कुछ छात्र पीयर
ग्रुप में बैठ कर कार्य करेंगे.
·छात्र कार्यपत्रक
पर अभ्यास करते रहेंगे
· कुछ छात्र पीयर
ग्रुप में बैठ कर कार्य करेंगे.
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5. समापन
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5.
मिनट
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· प्रश्नोत्तर के
माध्यम से छात्रों के द्वारा विषयवस्तु का दुहराव करूँगा तथा सारांश बताऊंगा.
बताइए, किसी संख्या में दाएं से दूसरा स्थान किसका होता है?
इकाई, दहाई और सैकड़े का मान
कितना होता है
बहुत अच्छा. 3, 7 और 9 से तीन अंक की
दो संख्या बनाइए?
बहुत बढ़िया तो आज हम लोगों ने
सीखा
(1) संख्या के अंकों को यथास्थान रखना।
(2) इकाई, दहाई और सैकड़े का मान
(3) संख्या को अंकों और
शब्दों मे लिखना।
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·छात्र पूछे गए प्रश्न का उत्तर देंगे
·छात्र प्रश्न कर अपनी शंकाओं का समाधान कर लेंगे
जी सर, दहाई का होता है
इकाई का मान एक, दहाई क मान 10, और सैकड़े का मान 100 होता है
एक छात्र, 379 और 739
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छात्र कार्यपत्रक
पर अभ्यास करते रहेंगे
· कुछ छात्र पीयर
ग्रुप में बैठ कर कार्य करेंगे.
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छात्रों द्वारा कार्यपत्रक पर अभ्यास
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35 मिनट
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·सुगम समूह के छात्रों को कार्यपत्रक पर कार्य करने को कहूँगा.
·कार्यपत्रक समाप्त कर चुके सुबोध समूह के छात्रों को विषयवस्तु समझाते हुए नए कार्यपत्रक पर
कार्य करने के लिए कहूँगा.
·सुबोध के कुछ तेज छात्रों को सुगम समूह की मदद के लिए
भेजूँगा.
·दोनों सुगम और सुबोध समूह
के बच्चों से कहूंगा कि यह अभ्यास आप अपने घर में भी करेंगे किसी तरह की परेशानी
होने पर अगली कक्षा में हमें बताएंगे
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·छात्र आज के पृष्ठ
संख्या-3 कार्यपत्रक-2 पर अभ्यास करेंगे
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·छात्र नए कार्यपत्रक पर कार्य करेंगे.
· कुछ तेज छात्र सुगम समूह की मदद के
लिए सुगम समूह में जाएँगे.
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